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सलाम कीजिये..स्त्री अस्मिता के पहरेदार आये हैं.!

०दीप जलाओ,फूल बरसाओ,मंगल गाओ

० हो सकता है मोदी के स्त्री विरोधी बयानों पर
शिवराज उनका इस्तीफ़ा ही मांग लें। शुभ हो।

० बलात्कारियों के हक़ में जुलूस निकलाने वाले
अब स्त्री अस्मिता के लिए सड़क पर हैं,वाह।

० औरतों की लाश क़ब्र से निकाल कर रेप का
आह्वान करने वाला कुनबा औरत के हक़ में है

o कमलनाथ ने जताया खेद और राहुल ने खारिज़
किया उनका बयान,निंदा की,यह भी शुभ ही है।

डॉ राकेश पाठक

पहले तो लिख कर रख लीजिये कि अपने राम हर हाल में स्त्री अस्मिता के विरुद्ध लिखे,बोले हर शब्द के खिलाफ़ हैं। कोई किन्तु परंतु नहीं। किसी को भी किसी भी स्त्री की गरिमा के खिलाफ़ नहीं बोलना चाहिये।

अब मुद्दे की बात…
मप्र में उपचुनाव के दौरान नेताओं के बोल वचन सारी सीमाएं पार कर रहे हैं।पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक सभा में कैबिनेट मंत्री इमरती देवी को आयटम कहा तो बवाल मच गया।

इस घटना के बाद दोनों बड़ी सियासी पार्टियों में जो प्रतिक्रिया हुई है उसमें से कुछ शुभ संकेत मिल रहे हैं।
आइये उन शुभ संकेतों की मीमांसा कर लीजिये।

पहली बात तो ये कि कमलनाथ ने अपने बयान पर खेद जता दिया है।
दूसरी और इससे भी बड़ी बात ये है कि उनकी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने उस बयान को खारिज़ कर दिया है। बिना लाग लपेट कह दिया कि चाहे कोई भी हो ऐसी भाषा पसंद नहीं।

यह शुभ संकेत है कि किसी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अपनी ही पार्टी के एक बड़े नेता के शब्दों पर एतराज़ जता रहा है।
ऐसा हमारे सामाजिक,राजनैतिक जीवन में बहुत कम ही होता है।
सो राहुल की प्रतिक्रिया को शुभ संकेत मानना चाहिये कि राजनैतिक नफा,नुक्सान से परे कोई है जो स्त्री अस्मिता के लिये बेबाक़ बोलने को तैयार है।

अब आइये दूसरे पक्ष से मिल रहे शुभ संकेत को देख लीजिये।

भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं शिवराज सिंह,नरेंद्र तोमर,ज्योतिरादित्य सिंधिया आदि स्त्री अस्मिता की रक्षा के लिए फौरन से पेश्तर मैदान में उतर आए। मौन धरने पर बैठे और जब बोले तो ख़ूब खुलकर बोले।

यह तो समाज और राजनीति के लिए बहुत ही ज्यादा शुभ संकेत है कि जो पार्टी बरसों से स्त्रियों के सम्मान की घटनाओं पर गुड़ ख़ाकर बैठी रहती थी उसे एक शब्द भर से स्त्री अस्मिता की चिंता हुई।

इनका पुष्प वर्षा से,मंगल गान से स्वागत होना ही चाहिये।

यह सचमुच ‘युगांतकारी’ घटना है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से यह पार्टी और उसका पूरा तंत्र स्त्री अपमान का कोई मौका नहीं छोड़ता था।

पार्टी के शिखर पुरुष नरेंद्र मोदी से लेकर नीचे तक नेताओं ने कैसे कैसे बयान दिए हैं इसकी बानगी देखिये।

वरिष्ठ पत्रकार पुष्प रंजन Pushp Ranjan ने हज़ारों बयानों में से बतौर नज़ीर दस बयान याद दिलाये हैं। गौर कीजिये-

1) सोनिया गांधी ‘जर्सी गाय’ हैं. राहुल ‘हाइब्रिड’ बछड़ा हैं.
– नरेंद्र मोदी
2) वाह क्या गर्लफ्रेंड है? आपने कभी देखा है 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड को?-नरेंद्र मोदी
(सुनन्दा पुष्कर के बारे में)

3) सोनिया गांधी ‘वेश्या’ थीं. स्कॉट एजेंसी के लिए काम करती थीं.
–सुब्रमण्यन स्वामी
4) प्रियंका गांधी वाड्रा ‘शराबी’ हैं. वो बहुत शराब पीती हैं और बदनाम हैं.
– सुब्रमण्यन स्वामी

5) मायावती जी एक वेश्या से भी ‘बदतर चरित्र’ की हो गई हैं.
– दयाशंकर सिंह

6) सोनिया गांधी ‘इटली की गुड़िया’ हैं. ‘जहर की पुड़िया’ हैं.
– अश्विनी चौबे

7) सोनिया गांधी ‘पूतना’ हैं. राहुल ‘विदेशी तोता’ हैं.
– अश्विनी चौबे

8) गोरे रंग के कारण सोनिया गांधी कांग्रेस की अध्यक्ष बनी हैं.
– गिरिराज सिंह

9). पंखुड़ी जी, ज्यादा पंख मत फरफराइए. ऐसी बात बोलूंगा कि शर्मसार हो जाओगी.
– प्रेम शर्मा (समाजवादी पार्टी की एक महिला प्रवक्ता के बारे में)

  1. )हम समझ नहीं सकते कि ममता बनर्जी पुरुष हैं या महिला हैं. मैं तो कहूंगा कि वह किन्नर बन गई हैं, जिन्हें आप ट्रेनों और बसों में देखते हैं.
    – श्यामपद मोंडल

इसके अलावा नरेंद्र मोदी ने सोनिया गांधी को पार्टी की विधवा कहा था। कांग्रेस की सांसद रेणुका चौधरी की हंसी की खिल्ली उड़ाते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी तुलना शूर्पणखा से की थी।

सैकड़ों बयान हैं इस देवदुर्लभ पार्टी के नेताओं के जब स्त्री की गरिमा को तार तार कर दिया गया। लेकिन अब
शुभ संकेत है कि ऐसी पार्टी और उसके नेता स्त्री अस्मिता के लिये मौन धरना दे रहे हैं।

दीप जलाओ, पुष्प बरसाओ,मंगल गाओ।

इसी पार्टी के विधायकों ने कठुआ गैंग रेप केस में आरोपियों के पक्ष में बाक़ायदा जंगी जुलूस का नेतृत्व किया। इस जुलूस में राष्ट्रध्वज तिरंगा लेकर बलात्कारियों के हक़ में जय जय श्रीराम के नारे लगाए गए।

आज यह पार्टी एक स्त्री की गरिमा के विरुद्ध बोले गए एक शब्द पर छाती कूट रही है।

सचमुच शुभ संकेत है।
सलाम कीजिये,स्त्री अस्मिता के पहरेदार आये हैं।

जो पार्टी उत्तर प्रदेश में बलात्कार के आरोपी अपने विधायक कुलदीप सेंगर और पूर्व सांसद स्वामी चिन्मयानंद महाराज को बचाने में जान लगा देती है वो पार्टी और उसका पूरा कुनबा एक शब्द से हुए अपमान पर धरती आसमान एक कर रहे हैं तो ये समाज के लिए सचमुच बेहद सुखद सूचना है।
बलात्कारियों के जेल से छूटने पर जिस पार्टी के लोग गाजे बाजे के साथ स्वागत करते हैं,नाचते गाते हैं वो आज स्त्री के सम्मान की रक्षा में सड़क पर उतर आई है तो समाज के लिये इससे बेहतर और क्या हो सकता है.?

ये सच्ची मुच्ची शुभ संकेत है।

ढोल ताशे लाओ, खुशी मनाओ,स्त्री रक्षक आये हैं।

जिस पार्टी के रामराज्य में उत्तर प्रदेश में एक दुष्कर्म पीड़िता की लाश को आधी रात के घनघोर अंधेरे में जला कर राख कर दिया जाता है और एक भी नेता के बोल नहीं फूटते वो पार्टी एक स्त्री के सम्मान की लड़ाई में सड़क पर फर्श बिछा कर दो घण्टे भी बैठती है तो इसे भारत के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना मानना ही चाहिये।

जिस कुनबे के नेता अभी कल तक दूसरे धर्म की औरतों को क़ब्र से निकाल कर बलात्कार करने का सार्वजनिक आह्वान करते थे और योगी आदित्यनाथ मुंडी हिलाते थे वो कुनबा औरत की लाज़ बचाने आगे आया है।

यह इतिहास में सोने के अक्षरों से लिखे जाने का मौका है।
स्वर्ग से देवता भी इन पर फूल बरसाते होंगे।

सचमुच शुभ संकेत है।
आइये हम और आप जय जयकार करें।

जिस पार्टी का आईटी सेल,ट्रोल आर्मी हर असहमत स्त्री को वैश्या, बार बाला, कह कर खुलेआम रेप की धमकी देने के लिए जग ज़ाहिर है उस पार्टी के नेता आज स्त्री विरोधी एक शब्द भी बरदाश्त नहीं कर रहे तो ये समाज और स्त्रियों के भविष्य के लिए बहुत ही मंगलमय सूचना है।

ये यक़ीनन शुभ संकेत है।

आओ जी पधारो, हम सब धन्य हुए कि आप बोले तो।

जो मध्यप्रदेश पंद्रह साल महिलाओं के प्रति अत्याचार और बलात्कार की घटनाओं में देश में नम्बर वन रहा उसी सरकार के मुखिया की एक शब्द पर छाती फटी जा रही है तो उनका अभिनंदन कीजिये।
आइये शिवराज जी आइये.. मुखिया आप जैसा हो होना चाहिये।
वंदन,अभिनंदन।

चलते चलते याद दिला देना ठीक रहेगा..

A) इन्हीं इमरती देवी जी के लिये पिछले चुनाव में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि इमरती खाने तक तो ठीक है इन्हें अपना क्षेत्र मत सौंप दीजिये।
तब इमरती कांग्रेस प्रत्याशी थीं इसलिए उनके सम्मान में बीजेपी दुबली नहीं हुई न शिवराज सिंह ने आंसू बहाए।
शुभ संकेत है कि इमरती भाजपा में हैं इसलिये पूरी पार्टी उनके सम्मान की रक्षा में उतर आई है।

इस संघर्ष को करबद्ध प्रणाम कीजिये।

B) इमरती पर दिए गए बयान के बाद अनूपपुर के भाजपा प्रत्याशी मंत्री बिसाहुलाल सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी की पत्नी को रखैल कहा।
अगले दिन भगवान राम की मां,राजा दशरथ की पत्नियों कौशल्या,सुमित्रा के लिये भी आपत्तिजनक बयान दिया।

पार्टी की तरफ़ से गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसके लिये खेद जताया।
बहुत शुभ संकेत है।
स्वागत किया जाना चाहिये।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिख कर कमलनाथ को सभी पदों से हटाने की मांग की है।
बहुत संभव है कि स्त्री अस्मिता के ऐसे अदभुत रक्षक,पहरेदार शिवराज सिंह चौहान किसी दिन नरेंद्र मोदी और अपनी पार्टी के नेताओं के अनगिनत स्त्री विरोधी बयानों के खिलाफ़ जेपी नड्डा को पत्र लिखें।
हो सकता है कि शिवराज सिंह पार्टी अध्यक्ष से कहें कि नरेंद मोदी को सोनिया गांधी को पार्टी की विधवा,जर्सी गाय,सुनंदा पुष्कर को पचास करोड़ की गर्ल फ्रेंड कहने पर पीएम पद से हटाया जाये।
सोच कर देखिये
हमारा समाज और राजनीति कितनी बेहतर हो जाएगी जब सब सियासी दल स्त्री अस्मिता की रक्षा के लिये इसी तरह मुखर होंगे।
अंत में एक बार फिर उन सबका अभिनदंन जो भले कल तक चौबीसों घंटे स्त्रियों को गंदी गालियां देते थे लेकिन आज मौन या मुखर होकर उनकी रक्षा में उतरे हैं।
शत शत वंदन,अभिनदंन।

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