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एक्शन ,थ्रिलर के साथ कॉमेडी का तड़का ‘सबवे’

फिल्म समीक्षा

!! फिल्म समीक्षा !!

🔴 एक्शन ,थ्रिलर के साथ कॉमेडी का तड़का ‘सबवे’

पिछले शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई रवि किशन स्टारर फिल्म *सबवे* एक एक्शन थ्रिलर मूवी है, जिसको कॉमेडी के तड़के के साथ बनाया गया है।

फिल्म को बिहार और यूपी में सराहनीय ओपनिंग मिली है लेकिन एमपी में आशा अनुरूप दर्शक नहीं जुटा पाई है । इसकी वजह एमपी में व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार के अभाव को माना जा सकता है । यूपी बिहार में रवि किशन का अपना अलग ही दर्शक वर्ग है जो उनकी फिल्मों का इंतजार करता है । लिहाजा इन दोनों राज्यों में फिल्म कारोबार की नज़र से रफ्तार पकड़ रही है ।

एमपी में मल्टी स्क्रीन की जगह सबवे को सिंगल स्क्रीन पर रिलीज किया जाता तो इसको बड़ी संख्या में दर्शक मिलते । एक दूसरी वजह सबवे का मुकाबला ब्रह्मास्त्र से हो रहा है । इतनी बड़े बजट की मूवी के सामने सबवे का रिलीज होना इसके निर्माताओं का दुस्साहस ही कहा जा सकता है । हालांकि दोनों फिल्मों का कंटेंट अलग अलग है ।

सबवे उत्तर प्रदेश के एक छोटे से कस्बे सिरसागंज की कहानी है । इस कस्बे में होशियार,विशाल और राजा रहते है । तीनों निट्ठले है और चार पहिया वाहनों को चुराकर उनके कलपुर्जे बेंच देते है । जो पैसा मिलता है उसको मौज मस्ती में उड़ा देते है । लेकिन एक दिन एक बड़े कारोबारी का किडनेप हो जाता है जो उस कार की डिग्गी में पड़ा मिलता है जो कार इन तीनों ने चुराई थी । कारोबारी का भाई सरकार में मंत्री है लिहाज़ा पुलिस पर उसको खोजने का दबाव है ।

यही से कहानी में कई ट्विस्ट जुड़ते चले जाते है । मूवी में 13 कलाकारों ने अभिनय किया है । इनमे रवि किशन और राज सिंह ने दर्शकों पर जानदार अभिनय की छाप छोड़ी है । हालांकि उमेश वाजपेई, नाजुक लोचन, विशाल विशेष त्रिपाठी,देवेन्द्र चोधरी,पंकज रैना, जय शंकर,प्रदीप चौधरी, अनिल रस्तोगी, पीयूष सुहाने,वेशनवी,संदीप यादव ने अपने अपने किरदार को बेहतरीन तरीके से निभाया है ।

फिल्म में एक आयटम सॉन्ग *तू ठरकी हुआ* ऐसा जान पड़ा जैसे इस गाने के लिए जबरिया जगह बना कर ठू सा गया हो । हालांकि *बम बम मस्त मौला है हम…, मिलना है तो इस तरह मिल….और तेरे नेनों ने मेरे नेनो से*…. गीत दर्शकों को गुगुनाने को लेकर मजबूर करते है । *बम बम मस्त मौला है हम* गीत का संगीत धमाल मचाने वाला है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है ।

संगीत हर्ष राज हर्ष का है । जिन्होंने गीतों को कर्णप्रिय ढंग से कमपोज किया है । हर्ष ने फेज़ अनवर के द्वारा लिखित गीतों के साथ इंसाफ करने के लिए सिंगर पलक मुछाल के साथ जावेद अली,नक्ष अज़ीज़ और मोहम्मद इरफान की आवाज़ में गीतों को रिकॉर्ड किया है ।

फिल्म का निर्देशन शिवराज देवल का है जो फिल्म के संवाद लेखक होने के साथ कोप्रड्यूसर भी है । निर्देशन को अधिक बेहतर बनाया जा सकता था । फिल्म में रविकिशन की एंट्री प्रभावकारी ढंग से दिखाई गई है लेकिन मध्यांतर के बाद रविकिशन का किरदार लंबे समय तक पर्दे से गायब रहता है । हालांकि क्लाइमेक्स तक आते आते मूवी भागने लगती है ।

संवाद में राज सिंह (जो की नेता के किरदार में है) उनके संवाद आज की राजनीति की कलाई खोलने वाले है । कहीं कहीं कॉमेडी का अतिरेक भी है । हालांकि आरम्भ से अंत तक आप परिवार के साथ बैठकर फिल्म का मज़ा ले सकते है ।

फिल्म का अधिकतर हिस्सा यूपी में फिल्माया गया है। लेकिन गीतों की मांग के मद्देनजर हिमाचल के बर्फीले पहाड़ों पर बेहतरीन लोकेशन्स देखने को मिलती हैं जो सबवे की यूएसपी है ।

(प्रदीप शर्मा फिल्म समीक्षक,संवाद लेखक व निर्देशक हैं)

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