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भारत और बांग्लादेश के सक्रिय अपराधियों की वजह से बीएसएफ के 52 जवान घायल हुए

ढाका, 19 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत और बांग्लादेश के अपराधियों की ओर से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कम से कम 52 जवानों को घायल किया गया है। बीएसएफ के महानिदेशक राकेश अस्थाना ने शनिवार को यह जानकारी दी।

बीएसएफ महानिदेशक (डीजी) ने दावा किया कि उनके जवानों को अंतिम उपाय के तौर पर ही गोली चलाने का निर्देश दिया गया है।

सीमा गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद शफीनुल इस्लाम के नेतृत्व में 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और बीएसएफ डीजी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 50वीं बीजीबी-बीएसएफ डीजी स्तर की वार्ता में हिस्सा लिया। सीमा वार्ता 17 सितंबर को शुरू हुई थी। सम्मेलन संयुक्त चर्चा (जेआरडी) में 17 बिंदुओं पर हस्ताक्षर करने के साथ संपन्न हुआ।

सीमा पर होने वाली हत्याओं के बारे में अस्थाना ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मैं यह कहना चाहूंगा कि हमारी नीति सीमा हत्याओं को शून्य तक लाने की है और हम ऐसा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

उन्होंने कहा, “हत्यारों तक पहुंचने के लिए, हमें बीजीबी के साथ चर्चा करने और क्षेत्र स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर आपराधिक गतिविधियों के कारण ज्यादातर स्थिति उत्पन्न होती है, जिसमें मादक पदार्थ, सोना, हथियार और गोला-बारूद शामिल हैं।”

बीएसएफ प्रमुख ने कहा, “सीमा पार इन असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए हमने चर्चा की है। हमने फैसला किया है कि हमारे पास खुफिया जानकारी साझा करने और सीमा पार अपराधियों की गतिविधियों के बारे में जानकारी एवं सिंडिकेट की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए, जो इन गिरोह को पर्दे के पीछे चला रहे हैं, ताकि हम संबंधित देशों के कानून के अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई कर सकें।”

उन्होंने कहा, “मैं कहना चाहूंगा कि सम्मेलन बेहद सफल रहा। पूरा सम्मेलन बहुत सौहार्दपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया है। हमने हर मुद्दे पर चर्चा की है और सहयोग दोनों पक्षों की ओर से होगा।”

बीजीबी डीजी ने कहा, “वास्तव में अपराधी कानून एवं व्यवस्था का उल्लंघन कर रहे हैं। सभी मामलों में हमारा अनुरोध पृष्ठभूमि की जांच करना है। मैं कहना चाहूंगा कि हमारी नीति सीमा हत्याओं को शून्य पर लाना है। मैंने हाल ही में ज्वाइन किया है और भविष्य में आप प्रगति देखेंगे।”

अस्थाना ने कहा, “कुल 70 फीसदी मौतें रात 10 बजे से सुबह 5.30 बजे के बीच होती हैं। आमतौर पर अपराधी इस अवधि के दौरान सक्रिय होते हैं। दूसरी बात यह है कि यह ऑपरेशन भारतीय क्षेत्र के अंदर ही हुए हैं।”

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजीबी डीजी से पूछा कि क्या बीजीबी बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने से रोकने में विफल रही है।

इस पर महानिदेशक ने जवाब दिया, “4,427 किलोमीटर लंबी बांग्लादेश की सीमा में नदियां, झाड़ियां और पहाड़ हैं। यह बहुत ही अनोखी (यूनीक) है और यही सीमा का अनूठापन और कठिनाई वाली स्थिति है। इसलिए इसे जांचना बहुत मुश्किल है।”

उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश दोनों पक्ष मानव तस्करी को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर सहमत हुए हैं।

इससे पहले बीजीबी-बीएसएफ वार्ता 13 सितंबर को स्थगित कर दी गई थी, क्योंकि उनके विमान में तकनीकी खराबी के कारण बीएसएफ प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचने में विफल रहा था।

–आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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