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बेनापोल के रास्ते आयात-निर्यात 3 दिन बाद बहाल

ढाका, 6 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल राज्य सरकार ने बांग्लादेश के जाशोरे स्थित बेनापोल लैंड पोर्ट के जरिए बांग्लादेश से सामानों के परिवहन की अनुमति दे दी है। राज्य सरकार ने यह अनुमति तब दी है, जब कुछ दिनों पहले बांग्लादेशी निर्यातकों ने सीमा पार से आयात को ब्लॉक कर दिया।

बेनापोल-पेट्रापोल लैंड पोर्ट के जरिए निर्यात-आयात गतिविधियां रविवार शाम शुरू हो गईं। पिछले तीन दिनों से बांग्लादेशी व्यापारियों की एक हड़ताल के कारण यह गतिविधि बंद थी।

बांग्लादेश में बेनापोल लैंड पोर्ट पर व्यापारिक संगठनों ने पहली जुलाई को भारतीय वस्तुओं का आयात रोक दिया। उन्होंने यह कदम भारत की तरफ से बांग्लादेशी वस्तुओं को इंकार किए जाने के विरोध में उठाया था। इस कारण सीमा पर आयात-निर्यात पूरी तरह से ठप हो गया था।

बाद में बांग्लादेशी विदेश मंत्री, ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग, और बेनापोल के कस्टम अधिकारियों ने रविवार दोपहर एक बैठक की, जिसमें एक सहमति बनी। परिणामस्वरूप शाम को भारतीय सामानों से लदे पांच ट्रक देश में प्रवेश किए और बांग्लादेशी सामानों से लदे पांच ट्रक भारत में प्रवेश किए।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए.के. अब्दुल मोमिन ने कहा कि पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के साथ एक लंबी बातचीत के बाद बेनापोल-पेट्रापोल लैंड पोर्ट के जरिए भारत-बंगाल व्यापार फिर से शुरू हो गया है।

मोमिन ने एक वीडियो ब्रीफिंग में कहा, “हम भारत और बांग्लादेश की सरकारों ने मिलकर तय किया था कि हम अपना व्यापार जारी रखेंगे। लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रतिबंध लागू किए जाने के कारण अचानक हमारा व्यापार रोक दिया गया था।”

उन्होंने कहा, “23 मार्च से हमारे देश से सामानों से लदे किसी भी ट्रक को पेट्रापोल-बेनापोल लैंड पोर्ट के जरिए पश्चिम बंगाल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि बांग्लादेशी उत्पाद त्रिपुरा और भारत के अन्य स्थानों पर सामान्य रूप से जा रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “सिर्फ पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि लॉकडाउन के कारण वे किसी भी ट्रक को बांग्लादेश नहीं जाने देंगे।”

मोमिन ने कहा कि प्रारंभ में पश्चिम बंगाल सरकार ने आदेश दिया था कि यदि किसी ट्रक ने बांग्लादेश में प्रवेश किया तो ड्राइवर को सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, और सिर्फ उत्पाद को सीमा पार करने की अनुमति होगी। यह तय किया गया कि ड्राइवर बांग्लादेश में प्रवेश नहीं करेंगे, वे सिर्फ अपने सामान को अनलोड करेंगे।

मोमिन ने कहा कि इस व्यवस्था के बाद देखा गया कि सामानों को बार-बार अनलोड करना पड़ता था, जो बहुत खर्चील साबित होता था। दूसरी बात यह कि दिन भर में चार-पांच ट्रक से ज्यादा अनलोड नहीं हो पाते थे। इस कारण से इस व्यवस्था को बंद करना पड़ा।

लंबी चर्चा के बाद सामानों की रेल से ढुलाई करने का तय हुआ।

–आईएएनएस

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