प्रतिबंधों में ढील को लेकर चिंतित हैं जापान के शीर्ष कोविड सलाहकार

टोक्यो, 15 सितम्बर (आईएएनएस)। जापान के शीर्ष कोविड -19 सलाहकार शिगेरू ओमी ने बुधवार को महामारी विरोधी उपायों में जल्दबाजी के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि आपातकाल की स्थिति को हटाए जाने के बाद ही प्रतिबंधों में ढील दी जानी चाहिए।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि प्रतिनिधि सभा की स्वास्थ्य समिति में, ओमी ने जोर देकर कहा कि आपातकाल की स्थिति समाप्त होने के बाद और संक्रमणों की संख्या एक निश्चित स्तर तक कम हो जाने के बाद उपायों को धीरे-धीरे हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर लापरवाही की गई और प्रतिबंधों में अचानक ढील दी जाती है, तो मामलों का पुनरुत्थान निश्चित रूप से होगा।

उनकी टिप्पणी तब आई जब सरकार नवंबर के आसपास प्रतिबंधों में ढील देने की कोशिश कर रही है, जिसका लक्ष्य उन सभी के लिए टीकाकरण पूरा करना है जो इसे तब तक प्राप्त करना चाहते हैं।

सरकार की छूट योजना में रेस्तरां को शराब प्रदान करने की अनुमति देना और लोगों को प्रीफेक्च ुरल सीमाओं में यात्रा करने की अनुमति देना, बड़ी सभाओं को अधिक प्रतिभागियों के साथ आयोजित करने की अनुमति देना शामिल है।

भविष्य के बारे में बात करते हुए, ओमी ने चेतावनी दी कि कोविड -19 के खिलाफ लड़ाई संभवत: लंबे समय तक चलेगी। उन्होंने कहा कि इसमें लगभग दो से तीन साल लग सकते हैं जब तक कि जनता कोविड -19 के बारे में चिंता नहीं करती है।

स्वास्थ्य मंत्री नोरिहिसा तमुरा ने उसी समिति की बैठक में कहा कि सरकार प्रकोप की संभावित छठी लहर से सावधान रहे।

पिछले हफ्ते, सरकार ने औपचारिक रूप से देश के 47 प्रान्तों में से 19 में 30 सितंबर तक आपातकाल की स्थिति बनाए रखने का फैसला किया, क्योंकि कोविड -19 रोगियों की आमद के कारण चिकित्सा प्रणाली दबाव में बनी है।

सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि देश की आधी से अधिक आबादी को अब तक कोविड-19 के टीके के पूरे दो शॉट मिल चुके हैं, और 60 प्रतिशत से अधिक आबादी को सितंबर के अंत तक पूरी तरह से बौक्सीन देने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

एमएसबी/आरजेएस

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