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डेटा साइंस, बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी प्रौद्योगिकियों में डिजिटल कोर्स शुरू करेगा आईआईटी

नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। आईआईटी मंडी ने डेटा साइंस, बिग डेटा एनालिटिक्स आदि तेजी से उभरती प्रौद्योगिकियों में डिजिटल कोर्स शुरू करेगा। इसके लिए आईआईटी ने बकायदा कौशल विकास मंत्रालय के साथ एक समझौता किया है।

भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के तहत कार्यरत नोडल एजेंसी राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) से एक सहमति करार (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। करार का मकसद युवाओं तक प्रभावी ढंग से डिजिटल कोर्स पहुंचाना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल के साथ-साथ इमर्सिव हैंड्स ऑन अनुभव प्राप्त करने के अवसरों को बढ़ावा देना है।

सहयोग करार का उद्देश्य डेटा साइंस, बिग डेटा एनालिटिक्स आदि तेजी से उभरती प्रौद्योगिकियों में डिजिटल कोर्स शुरू करना है। आईआईटी मंडी के साथ मिल कर एनएसडीसी इच्छुक विद्यार्थियों और बाजार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण के अनुरूप प्रोग्राम का डिजाइन और कांसेप्ट तैयार करेगा।

यह उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित कर भारतीय युवाओं में उद्यमशीलता का उत्साह और संस्कृति का विकास करने में मदद करेगा जो आत्मनिर्भर भारत के व्यापक ²ष्टिकोण को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। साथ ही शिक्षकों, प्रशिक्षकों और बुनियादी स्तर के प्रमुख लोगों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। संयुक्त रूप से प्रशिक्षण पद्धति के नए मॉडल बनाए जाएंगे ताकि सीखने के अत्याधुनिक अवसर अधिक सुलभ हों और इस तरह रोजगार बढ़े।

आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा, मुझे यह जानकारी साझा करने की खुशी है कि आईआईटी मंडी एनएसडीसी के साथ एक लंबे सफर पर चल पड़ा है, जिसका मकसद साधनरहित युवाओं और काम-काजी प्रोफेशनलों को उच्च स्तरीय कौशल प्रदान करना है। आईआईटी मंडी परिसर में इमर्सिव हैंड्स-ऑन अनुभव देने के लिए एक अभूतपूर्व केंद्र स्थापित करने की योजना है जो एक संयुक्त पहल से पूरी की जाएगी। यह उद्यमिता के साथ-साथ उभरती प्रौद्योगिकियों में कौशल विकास को बढ़ावा देगा।

प्रचलित रोजगार व्यवस्था मजबूत करने के साथ तेजी से नए युग के कौशल विकसित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसलिए शैक्षिक संस्थानों और उद्योग जगत के लिए एकजुट होकर एक समग्र इकोसिस्टम बनाना अनिवार्य है। जिसमें भारत के युवाओं के लिए संसाधन सुलभ हो और सही अवसरों के लिए मार्गदर्शन प्राप्त हो।

आईआईटी मंडी से यह साझेदारी भारतीय युवा प्रतिभा को उद्योग जगत के वर्तमान परि²श्य के अनुरूप बनाए रखने की प्रतिबद्धता पूरी करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आईआईटी मंडी ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम बनाया है और इस प्रोग्राम के तहत जो डिजाइन और कांसेप्ट संस्थान के प्रगतिशील करिकुलम का है वह भारतीय प्रतिभा को आने वाले डिजिटल युग के लिए तैयार करेगा।

एक प्रतिष्ठित संस्थान के रूप आईआईटी मंडी उम्मीदवारों के विभिन्न वर्गों के लिए डिजिटल लनिर्ंग मॉड्यूल डिजाइन और कोर्स शुरू करने की सुविधा प्रदान करेगा। संस्थान एक मजबूत ढांचे में गुणवत्ता के साथ लाइव क्लास शुरू करने में योगदान देगा। साथ ही पूरे देश में बुनियादी स्तर पर कार्यरत प्रमुख भागीदारों समेत शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने में भी योगदान देगा।

–आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम

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