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तकनीकी खराबी के चलते टला चंद्रयान-2 का लॉन्च,अगली लॉन्च डेट सितंबर के आसपास

नई दिल्ली। श्री हरिकोटा जीएसएलवी-एमके-3 के क्रायोजेनिक इंजन में हीलियम लीकेज ने इसरो को चंद्रयान-2 की उड़ान पर रोक लगाने के लिए मजबूर कर दिया। चंद्रयान-2 को सोमवार तड़के 2:51 पर उड़ान भरनी थी, मगर लॉन्चिंग से 56 मिनट पहले मिशन को रोक दिया गया।

इसरो ने मिशन को इस तरह रोकने के पीछे जहां तकनीकी दिक्कत का हवाला दिया था। वहीं इसरो के पांच सूत्रों ने स्वतंत्र रूप से हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से क्रायोजेनिक इंजन में फ्यूल लीकेज की पुष्टि की। हालांकि इसरो ने उसी वक्त एक बयान जारी करते हुए कहा था, ‘चंद्रयान-2 में कुछ तकनीकी दिक्कत का पता चला है। हमने ऐहतियातन मिशन को यहीं रोकने का फैसला किया है। जल्द ही नई तारीख की घोषणा की जाएगी।’

एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बताया, ‘इंजन में लिक्विड ऑक्सिजन और लिक्विड हाइड्रोजन भरने के बाद हीलियम को भरने का काम चल रहा था। हमें 350 बार तक हीलियम भरनी थी और आउटपुट को 50 बार पर सेट करना था, मगर तभी नोटिस किया कि हीलियम का प्रेशर तेजी से गिरने लगा। जो लीकेज की ओर इशारा कर रहा था।’ उन्होंने बताया, ‘टीम को देखना है कि लीकेज है कहां पर। हो सकता है कि यह कई जगह से हो।’

बता दें कि इससे पहले 22 जून को ग्राउंड टेस्ट के दौरान ऑक्सिजन टैंक में भी लीकेज की दिक्कत आई थी। हालांकि इसे सही कर लिया गया और इसरो ने पहले से तय लॉन्च डेट (15 जुलाई) पर ही लॉन्चिंग को फिक्स कर दिया। एक अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि इसरो जल्द वापसी करेगा। अब अगली लॉन्च डेट सितंबर के आसपास हो सकती है।

सोमवार तड़के करीब 5000 दर्शक पहली बार श्रीहरिकोटा में लाइव लॉन्चिंग को देखने के लिए जुटे थे। वीआईपी गैलरी में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी मौजूद थे। हालांकि मिशन अबॉर्ट होने की सूचना मिलने पर दर्शकों को मायूसी हाथ लगी।

978 करोड़ रुपये के चंद्रयान-2 प्रॉजेक्ट में जीएसएलवी-एमके-3 लॉन्च वीइकल का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें एक थ्री-स्टेज क्रायोजेनिक तकनीक से लैस सीई-20 इंजन है। क्रायोजेनिक स्टेज लिक्विड हाइड्रोजन (एलएच2) को फ्यूल और लिक्विड ऑक्सिजन को ऑक्सीडाइजर के तौर पर इस्तेमाल करता है।साभारएनबीटी

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