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क्या ये है शिवराज सरकार का सबसे बड़ा घोटाला? जांच के दायरे में 3.50 लाख ई-टेंडर

भोपाल।मध्य प्रदेश का बहुचर्चित ई-टेंडर घोटाला अब तक का सबसे बड़ा ई-टेंडर घोटाला साबित हो रहा है. 2018 में 9 ई-टेंडर्स से इस घोटाले की जांच शुरू हुई थी.धीरे-धीरे परत-दर-परत खुली और ये अब EOW साढ़े तीन लाख ई-टेंडर्स की जांच कर रही है. इसके लिए एक अलग टीम बना दी गयी है. ये 2014 से 2017 के बीच जारी हुए इन टेंडर्स की जांच कर रही है.अभी तक की जांच में 803 टेंडर्स में टेंपरिंग के सबूत मिले हैं.जांच जारी है और ये संख्या हजारों में पहुंचने की संभावना है.

शिवराज सरकार के दौरान हुए ई टेंडर घोटाले पर EOW का शिकंजा कसता ही जा रहा है.अभी ईओडब्ल्यू ने सिर्फ 2018 जनवरी से मार्च के बीच प्रोसेस हुये नौ टेंडर्स को लेकर एफआईआर दर्ज की है. अब उसकी एक अलग टीम पुराने टेंडर्स की जांच भी कर रही है.

ई-टेंडर बना एमपी का सबसे बड़ा घोटाला…?
-9 टेंडर्स में चल रही गिरफ्तारी की कार्रवाई के साथ ईओडबल्यू की अलग टीम पुराने साढ़े तीन लाख टेंडर्स की जांच कर रही है…

-बीजेपी सरकार में 2014 से 2017 के बीच साढ़े तीन लाख टेंडर्स जारी किये गये थे…
-ईओडब्लू को अभी तक की जांच में 803 टेंडर्स में टेंपरिंग के सबूत मिले हैं…
-ईओडब्ल्यू की जांच टीम को 2014 से 2017 के बीच हजारों टेंडर्स में टेंपरिंग की आशंका
-जिन 9 टेंडर्स में ऑस्मो आईटी सॉल्यूशन कंपनी के जरिए टेंपरिंग की गई थी, उसी कंपनी पर पुराने टेंडर्स में गड़बड़ी करने के सबूत मिले हैं.
– 80 करोड़ से ज्यादा के BDA के 2 और BMC के 1 टेंडर में जल्द एफआईआर दर्ज होगी.
EOW के डीजी के एन तिवारी का कहना है एक अलग टीम पुराने टेंडर्स की जांच कर रही है और जिन टेंडर्स में छेड़छाड़ की गयी है उसमें कार्रवाई भी की जाएगी,

ऑस्मो आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड पर शिकंज़ा
जिस सॉफ्टवेयर कंपनी ऑस्मो आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड पर ईओडब्ल्यू ने छापा मारकर उसके तीन डायरेक्टर्स को गिरफ्तार किया था, दरअसल, वो कंपनी सरकार के ई-टेंडरिंग पोर्टल में ऑनलाइन टेंडरिंग प्रोसेस में तकनीकी और सॉफ्टवेयर सुविधा मुहैया कराती थी. अब EOW को शक है कि कंपनी ने पहले भी इसी तरीके से दूसरे टेंडर्स में भी घोटाला किया होगा.जिन पुराने टेंडर्स की जांच चल रही है, उनकों लेकर संबंधित विभागों से जानकारी और रिकॉर्ड जुटाए जा रहें हैं.

नेता-दलाल सब शामिल
शिवराज सरकार के दौरान हुए इस घोटाले में साढ़े तीन लाख टेंडर्स में से हजारों की संख्या में ऐसे टेंडर्स हैं, जिसमें ऑस्मो आईटी सॉल्यूशन कंपनी ने राजनेताओं, नौकरशाहों और दलालों की मदद से टेंपरिंग कर फर्जीवाड़ा किया है.जांच में अभी तक 803 टेंडर्स में टेंपरिंग के सबूत मिले हैं.मध्यप्रदेश के इस सबसे बड़े ई टेंडर घोटाले में आगे भी कई बड़े खुलासे होंगे और कई बड़े लोग भी बेनकाब हो सकते हैं।साभारन्यूज18

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