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महात्मा गांधी के मंदिर के लिए 100 साल के बुजुर्ग ने तय की 70 किमी. दूरी

हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर के गृहक्षेत्र सराज के खमरादा गांव का एक बुजुर्ग अपनी चार बीघा जमीन दान करना चाहता है। करीब 100 वर्षीय मोती राम नामक के इस व्यक्ति के दान करने के पीछे बस एक ही शर्त है कि दान की गई जमीन पर सिर्फ महात्मा गांधी का ही मंदिर बने। मोती राम ने महात्मा गांधी मंदिर के लिए जमीन दान करने का प्रस्ताव मंडी के डीसी ऋग्वेद ठाकुर को सौंप दिया है।

मोती राम चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं। मोती राम ने इस प्रस्ताव के लिए डीसी कार्यालय तक पहुंचने के लिए 70 किमी. की दूरी तय की। वे अपने गांव खमरादा से मंडी पहुंचे और डीसी को प्रस्ताव सौंपा। मोती और महात्मा गांधी का मंदिर बनवाने की गुहार लगाईं।

मोती राम ने बताया कि आज देश आजादी की कुर्बानियों को भूलता जा रहा है और यही कारण है कि वह अपने गांव में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का मंदिर बनवाना चाहते हैं। मोती राम कहते हैं कि महात्मा गांधी के कारण ही देश को आजादी मिली थी वर्ना गुलामी की जिंदगी में जीना संभव नहीं हो पाता। उन्होंने बताया कि उन्हें यह जमीन ससुराल पक्ष वालों ने दी थी। यह जमीन चार बीघा बताई जा रही है।

डीसी को दिए प्रस्ताव में कुछ और बातें भी लिखी गई हैं जिनपर गौर करना संभव प्रतीत नहीं होता, लेकिन मोती राम बताते हैं कि उन्होंने महात्मा गांधी के साथ लाहौर में काम किया था- आज उनकी उम्र 100 वर्ष हो गई है लेकिन उस दौर को आज भी वह अपने दिमाग से निकाल नहीं पाए हैं, कि किस प्रकार से आजादी के परवानों ने देश को स्वतंत्रता दिलाई थी- यही कारण है कि वे महात्मा गांधी का मंदिर बनवाना चाहते हैं। बकौल मोती राम उन्होंने देश की आजादी के खातिर महात्मा गांधी के साथ लाहौर में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया था।

 

मंडी के डीसी ऋग्वेद ठाकुर ने मोती राम की तरफ से जमीन दान को लेकर आए प्रस्ताव को आगामी कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दिया हैं हालांकि, सरकार और प्रशासन मंदिर बनाने के लिए धन उपलब्ध नहीं करवाते हैं लेकिन यहां उस महान विभूति के मंदिर बनाने का जिक्र हो रहा है जिन्हें पूरा देश राष्ट्रपिता कहता है।

बहरहाल, अब मोती राम के इस प्रस्ताव पर सरकार और प्रशासन क्या निर्णय लेते हैं, यह आने वाले समय में इसका पता आने वाले समय में ही चल पाएगा।
साभार न्यूज 18

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