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329 करोड़ की ‘आंखों’ पर ‘विश्वास’ करेगी मोदी-शाह के गृहराज्य की पुलिस

 नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के गृहराज्य की पुलिस अब 329 करोड़ रुपये कीमत वाली ‘स्वचालित आंखों’ से अपराधियों को देखेगी।

  क्लोज सर्किट कैमरों (सीसीटीवी) के रूप में इन आंखों का जाल पूरे राज्य में बिछाया जा चुका है।

राज्य पुलिस महानिदेशक के घर-कार्यालय के साथ-साथ, इन ‘आंखों’ का एक कंट्रोल रूम गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय और आवास पर भी बनाया गया है।

गुरुवार को आईएएनएस को दिए एक विशेष इंटरव्यू में यह जानकारी गुजरात के गृहमंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा ने दी। राष्ट्रीय राजधानी आए जाडेजा ने कहा, “राज्य की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसीलिए राज्य सरकार ने ‘स्मार्ट’ और ‘शार्प’ पुलिसिंग के उपाय खोजे हैं। इसी खोज के पहले चरण में ‘विश्वास’ को लागू किया गया है। विश्वास योजना के तहत ही राज्य सरकार ने पुलिस को सीसीटीवी के जाल से कवर किया है। इस योजना पर 329 करोड़ रुपये का खर्च आया है।”

गुजरात के गृहमंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा ने विशेष बातचीत के दौरान आईएएनएस को आगे बताया, “इस योजना के तहत फिलहाल हमने 33 जिला पुलिस मुख्यालय, 7 यात्रा धाम (द्वारका, सोमनाथ, अंबाजी, पालिताणा, गिरनार, डाकोर और सामणाजी) और एक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को जोड़ा है। अभी 250 तालुका प्लेस यानी राज्य की तहसील मुख्यालय को भी जोड़े जाने की योजना पर विचार-विमर्श चल रहा है। हाल ही में इस लाभकारी योजना का लोकार्पण केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में किया था।”

उन्होंने बताया कि ‘विश्वास’ से मुख्यमंत्री विजयी रूपाणी के कार्यालय व आवास को भी जोड़ा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर बिना वक्त गंवाए, मुख्यमंत्री खुद ही सीधे घटना की सच्चाई देख-समझ सकें। मुख्यमंत्री कार्यालय-आवास के बाद गांधीनगर स्थित राज्य पुलिस महानिदेशालय ‘विश्वास’ का सबसे प्रमुख और बड़ा नियंत्रण और मॉनिटरिंग कक्ष होगा।

गुजरात के गृहमंत्री ने आईएएनएस से कहा, “यूं तो इस तीसरी आंख यानी सीसीटीवी की इस विशेष योजना की शुरुआत करीब एक साल पहले ही हो चुकी थी। इसका विधिवत उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा हाल ही में किया गया है।”

उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य पुलिस में सीसीटीवी का जाल मुहैया होने से सूबे की जनता में सरकार और पुलिस के प्रति भी ‘विश्वास’ पैदा होगा। सीसीटीवी में कैद संदिग्ध या अपराधी तक गुजरात पुलिस तुरंत पहुंचने का प्रयास कर सकेगी। साथ ही, आपराधिक घटनाओं को सुलझाने में भी सीसीटीवी फुटेज बहुत मददगार होंगे।

गुजरात पुलिस का मानना है कि ‘विश्वास’ की शुरुआत से जनमानस में अपराध और अपराधियों के प्रति भय कम होगा। ‘विश्वास’ के चलते अपराधियों में कानून और पुलिस का भय पैदा होगा।

उल्लेखनीय है कि गुजरात में 33 जिले और 250 तहसील मुख्यालय हैं। राज्य की आबादी करीब 6 करोड़ है। इतनी बड़ी आबादी की सुरक्षा करना किसी भी राज्य पुलिस के लिए सिर्फ पुलिसिया लाठी-डंडे और बंदूक-पिस्तौल के बलबूते कर पाना आसान नहीं होता है। इसीलिए राज्य सरकार को ‘विश्वास’ जैसी योजना की रूपरेखा बनाकर उसे अमल में लाना पड़ा।

यह पूछे जाने पर कि करीब तीन अरब 29 करोड़ रुपये जैसी भारी-भरकम रकम के बजट वाली इस योजना का छोटा सा नाम ‘विश्वास’ क्या सोच कर रखा गया, मंत्री जाडेजा ने कहा कि छोटे से ‘विश्वास’ का असल में बड़ा और पूरा नाम ‘वीडियो इंटीग्रेशन एंड स्टेटवाइड एडवांस सिक्योरिटी’ है। इसी योजना का दूसरा और बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा ‘आश्वस्त’ भी है।

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