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हॉलमार्क बगैर सोने के गहने बेचने पर होगा भारी जुर्माना, जेल भी

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)| केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने मंगलवार को बताया कि सोने के गहनों पर हॉलमार्किं ग अनिवार्य करने की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो जाएगी और एक साल बाद 15 जनवरी, 2021 से यह कानून लागू हो जाएगा। इस कानून के लागू होने के बाद बगैर हॉलमार्क के सोने के गहने बेचने पर आभूषण कारोबारियों को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है और उन्हें जेल की सजा भी हो सकती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सोने के गहनों पर हॉलमार्किं ग के लिए देशभर में जिला स्तर पर एसेसिंग सेंटर खोले जाएंगे और आभूषण कारोबारियों के लिए बीआईएस के पास पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा।

हॉलमार्क बगैर के सोने के गहने व कलाकृतियां बेचने पर आभूषण विक्रेताओं को भारी जुर्माना भरना पड़ेगा और उन्हें एक साल जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। हालांकि उन पर यह कानून 15 जनवरी, 2021 से लागू होगा।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय द्वारा सोने के गहनों पर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की हॉलमार्किं ग अनिवार्य करने का आदेश 15 जनवरी, 2020 को जारी होगा।

पासवान ने यहां एक प्रेसवार्ता में कहा कि आम उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाने के लिए सोने के गहने पर अब हॉलमार्क को अनिवार्य किया जा रहा और इस बाबत आदेश 15 जनवरी, 2020 को जारी किया जाएगा।

बीआईएस के उपमहानिदेश (डीडीजी) एच. एस. पसरीचा ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि सोने के गहनों पर बीएसआई की हॉलमार्किं ग 14 कैरट, 18 कैरट और 22 कैरट शुद्धता के सोने आभूषणों पर की जाएगी। हालमार्किं ग में चार चीजें शामिल होंगी, जिनमें बीआईएस का मार्क, शुद्धता जैसे 22 कैरट व 916, असेसिंग सेंटर की पहचान, आभूषण कारोबारी की पहचान का चिन्ह शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि 15 जनवरी, 2021 से बिना हॉलमार्क के सोने के गहने व आभूषण बेचने की शिकायत होने पर आभूषण कारोबारियों को बीआईएस कानून के प्रावधानों के तहत एक लाख रुपये तक या आभूषण की कीमत के पांच गुना तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। साथ ही एक साल जेल की सजा भी हो सकती है। जुर्माने या सजा का फैसला अदालत करेगी।

बीआईएस (हॉलमार्किं ग) विनियम 2018 की अधिसूचना 14 जून, 2018 को जारी की गई थी, जिसके बाद 31 दिसंबर, 2019 तक देश के 234 जिलों में 892 एसेसिंग एवं हॉलमार्किं ग केंद्र खुल चुके थे और बीएसआई के साथ अब तक 28,849 आभूषण कारोबारियों ने पंजीकरण करवाया है।

पसरीचा ने बताया कि आभूषण कारोबारियों को प्रति आभूषण हॉलमार्किं ग के लिए 35 रुपये खर्च करना होगा।

हालांकि कोई उपभोक्ता अगर अपने पास रखे गहनों की शुद्धता निर्धारित करने के लिए हॉलमार्किं ग करना चाहता है तो उसे प्रति आभूषण 200 रुपये खर्च करने होंगे। उपभोक्ता और आभूषण कारोबारियों के लिए तय शुल्क में अंतर पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि कारोबारी थोक में हॉलमार्किं ग करवाते हैं, इसलिए उनके लिए यह दर कम है।

 

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