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मोदी, शी जिनपिंग की यात्रा से पहले ममल्लापुरम में चल रही विशेष तैयारी

चेन्नई, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)| चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 से 13 अक्टूबर के बीच होने वाले प्रसिद्ध ममल्लापुरम (महाबलिपुरम) कार्यक्रम में शिरकत करेंगे, जिससे पहले यहां जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। यहां अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में पहुंचने पर सबसे अधिक आबादी वाले विश्व के दो राष्ट्र प्रमुखों का स्वागत शानदार तरीके से किया जाएगा।

यहां कर्मचारी सड़क की पट्टियों पर सफेद रंग चढ़ाने के अलावा डिवाइडर पर काला और सफेद रंग लगाने में व्यस्त हैं।

ममल्लापुरम के अंदर सड़कों को चकाचक कर दिया गया है। इसके साथ ही फुटपाथ और स्ट्रीट लाइट की मरम्मत भी की जा रही है।

शहर के प्रवेश द्वार के पास सड़क किनारे पेड़ों की बढ़ी हुई शाखाओं की छंटनी कर दी गई है।

पांडव रथ स्मारक के पास सड़क किनारे रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने आईएएनएस को बताया, “यहां सब कुछ नया कर दिया गया है। यहां तक कि स्ट्रीट लाइटें भी चमकने लगी हैं। भारतीय प्रधानमंत्री और चीनी राष्ट्रपति की प्रस्तावित दौरे के लिए धन्यवाद।”

ममल्लापुरम व इससे कुछ कि. मी. की दूरी पर कोवलम में स्थित पांच सितारा ताज फिशरमैन कोव रिसोर्ट एंड स्पा के पास स्वागत द्वार भी बनाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के यहीं पर ठहरने और जिनपिंग के साथ चर्चा करने की संभावना है।

होटल के अधिकारी भी हाई प्रोफाइल मेहमानों की प्रस्तावित यात्रा के कारण काफी चुस्त दिख रहे हैं। इस जगह के पास एहतियात के तौर पर कई पुलिसकर्मी भी देखे जा सकते हैं।

दूसरी ओर शी के शहर में आईटीसी ग्रांड चोला में रहने की उम्मीद है।

दोनों नेताओं का स्वागत करने वाले बैनर अभी नहीं लगाए गए हैं, मगर यह जल्द ही लगा दिए जाएंगे।

तटीय शहर ममल्लापुरम एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जो पत्थर की नक्काशी और पल्लव राजवंश काल के पत्थरों से बनें मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।

इस शहर के अधिकांश स्मारकों का निर्माण नरसिंह वर्मन प्रथम के काल में 630-670 ई. के दौरान हुआ था।

ममल्लापुरम कांचीपुरम जिले में स्थित है, जो चीन के साथ सांस्कृतिक व धार्मिक संपर्क को भी दर्शाता है। इसी को रेखांकित करने के लिए यहां शोर मंदिर और पांच रथों के पास बुद्ध की मूर्तियों को लगाया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, दोनों नेताओं के दौरे को ध्यान में रखते हुए एक या दो दिन में पांच रथ स्मारक और शोर मंदिर के लिए सार्वजनिक प्रवेश बंद कर दिया जाएगा।

पांच रथ स्मारक के बाहर मैक्सिकन घास वाले लॉन बनाए जा रहे हैं। इसके एक अन्य भाग में कोरियाई घास मैट का उपयोग किया गया है।

घास बिछाने वाले ठेकेदार के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “यह मैक्सिकन घास लंबे समय तक चलेगी।”

आसपास के क्षेत्र में सड़क किनारे सामान बेचने वाले और शोर मंदिर के पास की सैकड़ों दुकानों को सुरक्षा कारणों से अस्थायी तौर पर हटा दिया गया है।

सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त बनाए रखने के लिए पुलिस भी जांच प्रक्रिया में जुटी हुई है। सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ममल्लापुरम की नियमित यात्रा कर रहे हैं।

मछुआरों को भी इस कार्यक्रम के दौरान समुद्र से दूर रखने की सलाह दी गई है।

 

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