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बोत्सवाना में अदालत ने समलैंगिकता को अपराध नहीं माना

गाबोरोन, 11 जून (आईएएनएस)| बोत्सवाना के उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एक फैसले में दक्षिण अफ्रीकी देश में समलैंगिक संबंधों को वैध कर दिया।

अपने फैसले में न्यायालय ने समलैंगिकता का अपराधीकरण करने वाले दो धाराओं को असंवैधानिक करार दिया।

तीन जांच न्यायाधीशों में से एक माइकल लीब्रुरु ने कहा कि दंड संहिता की धारा 164 और 165 में किसी व्यक्ति की गरिमा, गोपनीयता और स्वतंत्रता के अधिकार को कमजोर किया गया है, जो भेदभावपूर्ण है।

एफे न्यूज के अनुसार, राजधानी गबोरोन की अदालत ने 1964 के बाद से लागू दो खंडों को पलट दिया, जिसने क्रमश: “प्रकृति के आदेश के खिलाफ किसी भी व्यक्ति के कामुक ज्ञान” और “अप्राकृतिक संभोग” को अपराध की श्रेणी में रखा था।

लीब्रुरु ने कहा, “इस तरह के मामलों में जनता की राय प्रासंगिक है लेकिन निर्णायक नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह जनता के ²ष्टिकोण से अधिक मौलिक अधिकारों के बारे में है।”

शिकायतकर्ताओं ने समलैंगिकों के बीच यौन संबंधों को आपराधिक बनाने वाले कानूनों की संवैधानिकता में संशोधन का अनुरोध किया था।

न्यायाधीश ने कहा, “राज्य लोगों के बेडरूम में शेरिफ नहीं हो सकता।”

बोत्सवाना में समलैंगिक यौन संबंध रखने पर सात साल तक की जेल का प्रावधान था।

इस निर्णय के साथ बोत्सवाना उन 21 अफ्रीकी देशों में शामिल हो गया, जिनमे रवांडा, आइवरी कोस्ट और सेशेल्स शामिल हैं, जो समलैंगिक जोड़ों के बीच यौन संबंधों को अपराधी नहीं मानते हैं।

 

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